क्या आपने NIRF रैंकिंग 2024 देखी और सोच रहे हैं कि यह आपकी कॉलेज पसंद में कितना मददगार है? सही बात ये है कि NIRF एक मजबूत संकेत देता है, पर यह तय करने वाला एकमात्र मानदंड नहीं होना चाहिए। नीचे सीधा, काम का तरीका दे रहा हूँ जिससे आप रैंकिंग को समझकर बेहतर फैसला ले सकें।
NIRF रैंकिंग मुख्य रूप से पांच बड़े पहलू देखती है: टीचिंग‑लर्निंग रिसोर्सेज, शोध और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम्स (नौकरी/उपलब्धि), आउटरीच/इन्क्लूजन और परसेप्शन। यानी, फैक्टर जैसे फैकल्टी क्वॉलिटी, रिसर्च पब्लिकेशन, प्लेसमेंट आंकड़े और सामाजिक पहुंच का आकलन होता है।
लेकिन ध्यान रखें: NIRF "कैंपस कल्चर", किसी खास लैब का दर्जा, टीचर‑स्टूडेंट व्यक्तिगत मैच या किसी स्पोर्ट्स सुविधा का पूरा चित्र नहीं देती। इसलिए इसे शुरुआत समझकर आगे की जाँच जरूरी है।
रैंकिंग देखते समय इन बातों पर फोकस करें — क्या रैंकिंग पूरे विश्वविद्यालय के लिए है या सिर्फ किसी विशेष विषय/इंजीनियरिंग/मैनेजमेंट/मेडिकल के लिए? कई बार एक कॉलेज का कुल रैंक अच्छा लेकिन आपके कोर्स का रैंक औसत हो सकता है।
एक छोटा चेकलिस्ट जो इस्तेमाल करें:
रैंकिंग को तभी अधिक महत्व दें जब वह आपके लक्ष्य और करियर पथ से मेल खाती हो। उदाहरण के लिए, रिसर्च करियर चाहिये तो रिसर्च स्कोर और पब्लिकेशन देखें; जॉब‑फोकस्ड कोर्स के लिए प्लेसमेंट डेटा ज्यादा मायने रखता है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए व्यवहारिक सुझाव:
अंत में, NIRF रैंकिंग 2024 आपको संस्थानों का तुलनात्मक दृश्य देती है पर आपकी ज़रूरत‑फोकस सबसे अहम है। रैंकिंग एक संकेतक है; सही फैसला तब बनेगा जब आप कोर्स के कंटेंट, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, फीस‑लक्ष्य और निजी प्राथमिकताओं को जोड़कर तुलना करेंगे।
अगर आप चाहें तो मैं आपकी पसंद के कोर्स/शहर के हिसाब से NIRF डेटा कैसे पढ़ें, उसका शॉर्ट‑लिस्ट बना कर दे सकता हूँ।
शिक्षा मंत्रालय ने 12 अगस्त 2024 को NIRF रैंकिंग 2024 की घोषणा की है, जो विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष संस्थानों का मूल्यांकन करती है जैसे कि इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन और अधिक। IIT मद्रास ने ओवरऑल श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि IISC बेंगलुरु को सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय के रूप में रैंक किया गया है।