डिविडेंड कंपनी का मुनाफा शेयरधारकों को बांटने का तरीका है। सरल भाषा में—कंपनी ने जब मुनाफा कमाया और उसे पुनः निवेश करने की बजाय कुछ हिस्से को शेयरधारकों को देना चाहा, तो वह डिविडेंड देती है। आप नकद (cash dividend) या अतिरिक्त शेयर (stock dividend) के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
क्या यह हर बार मिलता है? नहीं। कुछ कंपनियां नियमित रूप से देती हैं, कुछ सालों पर देती हैं और कुछ बिल्कुल नहीं देतीं। इसलिए किसी शेयर को सिर्फ डिविडेंड के लिए ही न खरीदें—कम्पनी की स्थिरता और कैश फ्लो देखें।
डिविडेंड यील्ड: यह बताता है कि आपके निवेश पर कितना रिटर्न डिविडेंड के रूप में मिल रहा है। गणना: (वार्षिक डिविडेंड प्रति शेयर ÷ शेयर की कीमत) × 100। उच्च यील्ड आकर्षक लगती है, पर कभी-कभी वह कंपनी के घटते शेयर भाव या अस्थायी बोनस की वजह से भी हो सकती है।
Payout Ratio: कंपनी कितना प्रतिशत मुनाफा डिविडेंड में दे रही है—यह पता लगाने का तरीका। बहुत ऊँचा payout ratio लंबे समय में जोखिम दिखा सकता है, क्योंकि कंपनी के पास री-इन्वेस्ट करने के लिए पैसा कम रह सकता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ: घोषणा (declaration date), रिकॉर्ड डेट (record date) और एक्स-डिविडेंड डेट (ex-dividend date)। अगर रिकॉर्ड डेट तक आप शेयरधारक नहीं हैं, तो डिविडेंड पाने का अधिकार नहीं मिलेगा। एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदें—वरना आप डिविडेंड के लिए अयोग्य हो सकते हैं।
भारत में डिविडेंड अब शेयरधारक की आय माना जाता है और टैक्सेबल है। कंपनियां अक्सर किसी सीमा से ऊपर के डिविडेंड पर TDS काटती हैं—इसलिए अपनी टैक्स स्थिति जांच लें या सलाह लें।
निवेश रणनीति: क्या आप भविष्य में बढ़ोतरी चाहते हैं या स्थिर आय? यदि स्थिर आय चाहिए तो उच्च और स्थायी डिविडेंड देने वाली कंपनियों की सूची बनाएं। पर याद रखें—डिविडेंड ही सब कुछ नहीं।
खतरे कौन से हैं? कंपनी का कैश फ्लो कमजोर होना, भारी देनदारियाँ या एक बार की आय पर आधारित डिविडेंड—ये संकेत देते हैं कि डिविडेंड टिकाऊ नहीं है।
DRIP (Dividend Reinvestment Plan) का विकल्प देखें—यह स्वतः मिलने वाले डिविडेंड को नए शेयरों में बदल देता है और लंबी अवधि में कम्पाउंडिंग देता है।
अंत में, डिविडेंड देखने का तरीका ऐसा रखें: संख्या के साथ संदर्भ भी देखें—कंपनी की कमाई, फ्री कैश फ्लो और भविष्य की वृद्धि संभावना। केवल यील्ड देखकर जल्दी निर्णय मत लें। अगर आप नए हैं तो छोटे हिस्से से शुरुआत करें और समय के साथ रणनीति बदलें।
अगर चाहें, मैं आपकी पोर्टफोलियो में डिविडेंड स्टॉक्स अलग से देख कर सुझाव दे सकता/सकती हूँ—बताइए किस तरह की आय या ग्रोथ चाहिए।
आरआईटीईएस के शेयरों में एक ही दिन में 12% की मजबूत उछाल दर्ज की गई है। यह उछाल एक्स-बोनस और एक्स-डिविडेंड ट्रेडिंग डे के कारण हुआ है। कंपनी ने 1:1 बोनस और 5 रुपये डिविडेंड की घोषणा की है, जिसका रिकॉर्ड दिन 20 सितंबर पर तय किया गया है।