यदि आप ट्रेडिंग करते हैं या बाजार की खबरों पर नज़र रखते हैं तो यह टैग आपको काम की जानकारी देगा। यहाँ हम ऐसे खबरों और घटनाओं पर ध्यान देते हैं जो शेयर, कमोडिटी या अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाल सकती हैं — जैसे बड़े ब्लॉक डील्स, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, और नीतिगत बदलाव।
इस टैग पर मिलने वाली खबरें सीधे ट्रेडिंग और निवेश पर असर डालने वाली होती हैं। उदाहरण के लिए, लगभग 5500 करोड़ रुपये के ब्लॉक डील्स की रिपोर्ट से संबंधित अपडेट मिलेंगे, जो किसी स्टॉक की कीमत में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकती है। भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जैसी बड़ी डीलें भी यहां मिलेंगी, जो सेक्टरों में नई ऑर्डर या निर्यात अवसर ला सकती हैं। साथ ही केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक फैसले — जैसे नया आयकर बिल या फेडरल रिजर्व के रेट फैसले — भी यहाँ कवर होते हैं।
1) खबर को पहचानें: सबसे पहले तय करें कि कौन-सी खबर अस्थायी है और कौन-सी दीर्घकालिक असर रखती है। ब्लॉक डील जैसी खबरें अक्सर तात्कालिक वॉल्यूम स्पाइक देती हैं।
2) वॉल्यूम और प्राइस एक्शन देखें: किसी स्टॉक पर बड़ी खबर के साथ वॉल्यूम बढ़ रहा है या नहीं, यह जांचें। वॉल्यूम के बिना प्राइस मूव भरोसेमंद नहीं रहता।
3) समय सीमा तय करें: क्या आप इंट्राडे, स्विंग या लॉन्ग-टर्म ट्रेड करने जा रहे हैं? हर टाइमफ़्रेम के लिए अलग रणनीति रखें।
4) रिस्क मैनेजमेंट: स्टॉप-लॉस पहले से तय रखें और पोजीशन साइज को पोर्टफोलियो के रूल्स के अनुसार सीमित करें। एक बड़ा ब्लॉक डील या खबर भी उलट सकती है।
5) इवेंट कलेंडर चेक करें: राजनैतिक या आर्थिक घटनाओं (जैसे आयकर बिल लागू होना, सेंट्रल बैंक के फैसले) के दिन ट्रेडिंग से पहले अतिरिक्त सतर्क रहें।
6) बैकअप प्लान रखें: अगर मार्केट आपकी उम्मीद के मुताबिक नहीं चलता, तो कब बाहर निकलना है ये स्पष्ट रखें।
यह टैग रोज़ाना अपडेट रहता है — इसलिए रीयल-टाइम अलर्ट और सुबह की मार्केट रिव्यू देखकर ही कोई बड़ा कदम उठाएं। यहां मिली खबरें और हमारे सेटअप सुझाव आपको तय करने में मदद करेंगे कि कब एंट्री लें, कब प्रॉफिट बुक करें और कब बाहर निकलें।
अगर आप चाहें तो ट्रेडिंग टूल्स, चार्ट और वॉल्यूम एनालिसिस के लिए हमारी संबंधित रिपोर्ट्स पर क्लिक करें। इस टैग को फ़ॉलो करें ताकि बाजार की बड़ी खबरें और सही ट्रेड सेटअप समय पर मिलें।
बजट 2024 की घोषणाओं के बाद निफ्टी ने महत्वपूर्ण स्तर 24,500 के पास अपने पैर जमाए हैं। ये स्तर निफ्टी की आगामी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे, खासकर तब जब इसमें STT के परिवर्तन शामिल हैं। भारतीय स्टॉक मार्केट की प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।