सरल इनकम टैक्स: जल्दी समझें और सही तरीके से फाइल करें

इनकम टैक्स से जुड़े कई सवाल आते हैं — कितनी आय पर टैक्स लगेगा, डिडक्शन क्या है, ITR कैसे फाइल करें? यहाँ मैं आसान भाषा में वही बताऊंगा जो तुरंत काम आ सके। आप नौकरीपेशा हों, फ्रीलांसर या छोटे व्यवसायी — ये गाइड सीधा और उपयोगी है।

आम बातें जो तुरंत काम आएंगी

1) टैक्स स्लैब: हर वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र सरकार स्लैब तय करती है। अपना FY और AY देखकर सही स्लैब चुनें — नया रेट प्लान या पुराने रेट प्लान के हिसाब से कैलकुलेट करें।

2) PAN और Aadhaar: ITR फाइल करने के लिए PAN जरूरी है। Aadhaar-PAN लिंक कर लें वरना कुछ रियायतें नहीं मिलेंगी और प्रोसेस रुक सकती है।

3) टीडीएस और पेमेन्ट: सैलरी या बैंक ब्याज पर TDS कटता है। अगर आपके स्रोतों से TDS नहीं कट रहा और सालाना टैक्स बचेगा तो सेल्फ-असेसमेंट टैक्स जमा करें अन्यथा पेनल्टी हो सकती है।

ITR फाइल कैसे करें — सरल स्टेप्स

स्टेप 1: जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करें — PAN, Aadhaar, Form 16 (यदि नौकरी है), बैंक स्टेटमेंट, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, निवेश/डिडक्शन के प्रमाण।

स्टेप 2: सही ITR फॉर्म चुनें — ITR-1 आमतौर पर सैलरी/वन-हाउस प्रॉपर्टी/बैंक ब्याज के लिए होता है। बिजनेस या फ्रीलांसिंग है तो ITR-3/4 देखिए।

स्टेप 3: ई-फाइलिंग पोर्टल या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करें। पर्सनल डिटेल और इनकम भरें, फिर टैक्स कैलकुलेट करके किसी बकाया टैक्स को भरें।

स्टेप 4: डॉक्यूमेंट अटैचमेंट (यदि जरूरत हो), e-verify करें — Aadhaar OTP, Netbanking या EVC से। e-verify न करने पर ITR प्रोसेसिंग रुक सकती है।

स्टेप 5: रिजल्ट चेक करें। ITR स्वीकार होने पर आप ACK नंबर देखेंगे और रिफंड होने पर बैंक अकाउंट क्रेडिट होगा।

टिप: पहली बार कर रहे हैं तो Form 26AS जरूर चेक करें — टीडीएस और टैक्स क्रेडिट मिल रहे हैं या नहीं, यही दिखता है।

टैक्स बचाने के सरल तरीके

- 80C: ELSS, PPF, EPF, LIC आदि में निवेश कर 1.5 लाख तक टैक्स बचाएं।

- 80D: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर छूट।

- हाउसिंग लोन: प्रिंसिपल पर 80C और ब्याज पर अलग रियायत मिल सकती है।

- टैक्स-फ्री इनकम: कुछ नियमों के तहत सीनियर सिटीजन और एफडी पर भिन्न रेट मिल सकता है — अपने मामले के हिसाब से देखें।

अंत में, रिकॉर्ड रखें और डेडलाइन मत भूलें। गलतियां बेवजह नोटिस या पेनल्टी का कारण बनती हैं। जरूरत लगे तो एक CA या टैक्स प्रोफेशनल से सिर्फ एक बार कंसल्ट कर लें — ये आपकी समझ को तेज कर देगा और सीधे पैसे बचा सकता है।

आयकर बिल 2025 : भारत में टैक्स सिस्टम अब होगा सरलीकृत और डिजिटल
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आयकर बिल 2025 : भारत में टैक्स सिस्टम अब होगा सरलीकृत और डिजिटल

कैबिनेट ने 7 फरवरी 2025 को नया आयकर बिल 2025 मंजूर किया, जिससे 1961 के पुराने नियमों की जगह अधिक साफ और सरल टैक्स व्यवस्था आएगी। बिल के तहत टेक्स्ट छोटा, भाषा आसान व डिजिटल संपत्ति पर भी निगरानी बढ़ेगी और कार्यपालिका को टैक्स लिमिट बदलने के अधिकार मिलेंगे। नया बिल अप्रैल 2026 से लागू होगा।

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