क्या आपने कभी सोचा है कि एक भाला कुछ सेकंड की रफ्तार में 80-90 मीटर तक क्यों जा सकता है? जेवलिन थ्रो सिर्फ ताकत नहीं—यह सही गति, एंगल और तकनीक का खेल है। नीचे मैं सरल भाषा में नियम, उपकरण और रोज़मर्रा के अभ्यास बताऊँगा जो तुरंत काम आएंगे।
जेवलिन थ्रो में पुरुष भाले का वजन 800 ग्राम और महिलाओं का 600 ग्राम होता है। फील्ड पर एक सीधी रन-अप लाइन होती है और फेंकने के लिए एक सीमित क्षेत्र तय होता है। हर अटैम्प्ट के बाद भाला मैदान में गिरता है—उसे मापा जाता है जहाँ उसका पहला संपर्क जमीन से हुआ। प्रतियोगिता में आमतौर पर 3-6 बार फेंक का मौका मिलता है, और सबसे लंबी दूरी गिनी जाती है।
सेफ्टी बेहद जरूरी है: रन-अप साफ हो, दर्शक और साथी खिलाड़ी फेंक की लाइन से बाहर खड़े हों, और कोच हमेशा फेंक के दिशा पर नजर रखें।
टेक्निक को चार हिस्सों में बाँट लें: ग्रिप, रन-अप, ट्रांज़िशन और रिलीज। ग्रिप में भाले को उंगली की थाह और हथेली के बीच कमाल का संतुलन चाहिए—न ज्यादा कस के, न बहुत ढीला। रन-अप सीधा और नियंत्रित रखें; तेज़ दौड़ का मतलब बेहतर दूरी नहीं, सही गति का मतलब है। ट्रांज़िशन के समय कमर और कंधे मिलकर ताकत ट्रांसफर करते हैं—यहाँ हिप-टॉर्क महत्वपूर्ण है। रिलीज के वक़्त कलाई को लॉक कर दें और फॉलो-थ्रू पर ध्यान दें ताकि शरीर आगे झुके और संतुलन बना रहे।
कुछ रोज़मर्रा के ड्रिल्स जो असर करते हैं:
शोल्डर और कोर स्ट्रेंथ पर नियमित काम करें—रोटेटर कफ एक्सरसाइज, प्लैंक्स और मेडिसिन बॉल थ्रो बहुत मदद करते हैं। हफ्ते में 3–4 साप्ताहिक सेशन रखें लेकिन ओवरयूज इंज्यूरी से बचने को आराम के दिन रखें।
सामान्य गलतियाँ जो अक्सर देखी जाती हैं: समय से पहले बाज़ू फेंकना, रन-अप का संतुलन न रखना, हाथ में जकड़ाव। इन बातों पर ध्यान दें और वीडियो बनाकर अपनी तकनीक देखें—छोटे सुधार बड़ी दूरी दे सकते हैं।
अगर आप प्रतियोगिता के लक्ष्य पर हैं तो धीरे-धीरे वजन, स्पीड और तकनीक सब पर काम करें। लोकल कोच से फीडबैक लें और बड़े मैचों के प्रो फेंकों के वीडियो देखें—सीखना हमेशा चलता रहता है। यह पेज जेवलिन थ्रो से जुड़ी बेसिक और प्रैक्टिकल बातों के लिए है—अगर आप चाहें, मैं आपको शुरुआती के लिए हफ़्ते-दर-हफ्ते ट्रेनिंग प्लान भी दे सकता/सकती हूँ।
नीरज चोपड़ा ने लॉसान डायमंड लीग में अपने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 89 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने अपने पुराने ग्रोइन चोट के बावजूद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। नीरज अब ब्रसेल्स में होने वाले सीजन-एंडिंग फिनाले से पहले डॉक्टर्स से परामर्श करेंगे।