दिल्ली एयरपोर्ट पर जाना है और समय बचाना चाहते हैं? सही जगह पर हैं। यहाँ सीधे, काम की बातें बताइएंगे — किस टर्मिनल में क्या मिलता है, कैसे पहुंचें, और कौन-सी छोटी-छोटी तैयारियाँ आपकी यात्रा को आसान कर देंगी।
IGI में तीन मुख्य टर्मिनल हैं — सामान्य तौर पर T1 और T2 घरेलू उड़ानों के लिए उपयोग होते हैं और T3 अंतरराष्ट्रीय व बड़ी घरेलू उड़ानों के लिए। फ्लाइट बुक करने के बाद एयरलाइन और बोर्डिंग पास में लिखा टर्मिनल चेक कर लें।
ट्रांसपोर्ट: मेट्रो और Airport Express लाइन से अच्छा कनेक्शन है, साथ ही प्रीपेड टैक्सी काउंटर, ऐप-टैक्सियाँ (Ola/Uber) और बसें उपलब्ध रहती हैं। अगर आप होटल से आ रहे हैं तो एयरपोर्ट शटल या होटल की स्पेशल सर्विस भी देख लें।
पार्किंग में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों विकल्प मिलते हैं। अगर लंबी यात्रा है तो ऑनलाइन पार्किंग पहले से बुक कर लें — इससे समय और तनाव दोनों बचेंगे।
चेक-इन: घरेलू फ्लाइट में 90–120 मिनट पहले पहुँचना ठीक रहता है; अंतरराष्ट्रीय के लिए 3 घंटे पहले। ऑनलाइन चेक-इन और मोबाइल बोर्डिंग पास से काउंटर की लाइन कम हो जाती है।
सिक्योरिटी चेक पर तरल पदार्थ, नाकारा वस्तुएँ और बैगेज के नियम पर ध्यान दें। पहचान पत्र और बोर्डिंग पास तैयार रखें — इससे लाइन में देरी नहीं होगी।
लॉन्ज और सुविधाएँ: T3 में कई एयरलाइन और प्लेन-आइफ-लॉन्ज मौजूद हैं। यदि एक्स्ट्रा आराम चाहिए तो पेड-लॉन्ज में एक या दो घंटे के पास खरीद सकते हैं। टर्मिनल में खाने-पीने, फ्री वाई-फाई (सीमित समय), चार्जिंग प्वाइंट और शॉपिंग के विकल्प मिलते हैं।
बैगेज और ट्रांजिट: कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए बैगेज रे-चेक करने का नियम अपनी एयरलाइन से पूछ लें। ट्रांजिट पर पासपोर्ट और वीजा नियम पहले से जांच लें ताकि इमिग्रेशन में कोई अटक न हो।
खास टिप्स — छोटी चतुराइयाँ जो काम आएंगी:
अगर कोई खास शंका है — जैसे प्री-चेक इन, वैक्युम बैगिंग, या स्पेशल असिस्टेंस — तो एयरलाइन या एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से सीधे पूछ लें। एक छोटी तैयारी आपकी यात्रा का बड़ा फर्क बना सकती है।
याद रखें, समय प्रबंधन और बुनियादी नियमों का पालन सबसे बड़ा मददगार है। अच्छे सफर के लिए बोर्डिंग टाइम से पहले पहुँचना, जरूरी कागजात साथ रखना और बड़ी भीड़ से पहले सुरक्षा पार कर लेना ही बेहतर तरीका है।
दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 की छत भारी बारिश के बाद 28 जून को गिर गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। इस घटना ने देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट की संरचना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने अन्य एयरपोर्ट्स के निरीक्षण की बात कही ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।