अंबाती रायडू ने धोनी को 'चेन्नई का भगवान' कहा
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में, धोनी की कप्तानी में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलने वाले पूर्व खिलाड़ी अंबाती रायडू ने धोनी को 'चेन्नई का भगवान' करार दिया है।
रायडू ने अपने बयान में कहा कि आने वाले वर्षों में चेन्नई में धोनी के लिए एक मंदिर बनाया जाएगा, जो उनकी अपार लोकप्रियता और टीम व खेल पर पड़े प्रभाव को देखते हुए संभव है। धोनी ने भारत को दो विश्व कप जिताए हैं और चेन्नई सुपर किंग्स को पांच आईपीएल खिताब दिलाए हैं, जिससे उन्हें फैंस के बीच, खासकर दक्षिण भारत में, एक पूज्य दर्जा हासिल हुआ है।
यह बयान चेन्नई सुपर किंग्स की राजस्थान रॉयल्स पर मिली जीत के बाद आया है, जिससे उनकी वर्तमान आईपीएल सीजन में प्लेऑफ की दावेदारी मजबूत हुई है। धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और वह आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं।
धोनी की लोकप्रियता का राज
एम एस धोनी की लोकप्रियता का राज उनका शांत स्वभाव, मैदान पर बेहतरीन कप्तानी और विकेट के पीछे शानदार विकेटकीपिंग है। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को 2007 में टी20 विश्व कप और 2011 में वनडे विश्व कप जिताया था। इसके अलावा उन्होंने 2013 में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी भी जिताई थी।
आईपीएल में भी धोनी का जलवा कायम रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए धोनी ने टीम को चार बार चैंपियन बनाया है। इसके अलावा दो बार उप-विजेता रहे हैं। धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं और लगातार प्लेऑफ में जगह बनाई है।
धोनी का जादू सिर्फ मैदान तक ही सीमित नहीं है। वह विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर भी छाए रहते हैं। धोनी की फैन फॉलोइंग देश-विदेश में है और उनके फैंस उन्हें क्रिकेट का भगवान मानते हैं। ऐसे में अंबाती रायडू का यह बयान उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा सकता है।
चेन्नई में धोनी का दबदबा
धोनी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चेन्नई में उन्हें अपना ही समझा जाता है। चेन्नई वासी धोनी को अपना 'थाला' यानी नेता मानते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान स्टेडियम में जब भी धोनी बल्लेबाजी के लिए आते हैं तो फैंस के जोश का ठिकाना नहीं रहता।
धोनी के नाम के नारे लगते हैं और पूरा स्टेडियम 'धोनी-धोनी' के नारों से गूंज उठता है। ऐसे में अगर चेन्नई में धोनी का मंदिर बनता है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।
धोनी का करिश्मा बरकरार
हालांकि पिछले कुछ सालों से धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन उनका करिश्मा आज भी बरकरार है। आईपीएल 2023 में भी धोनी ने अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में चेन्नई का प्रदर्शन खराब रहा था, लेकिन धोनी ने टीम को वापसी करते हुए प्लेऑफ की दौड़ में शामिल कर दिया है।
39 साल की उम्र में भी धोनी का जलवा कम नहीं हुआ है। उनकी फिटनेस और मैदान पर सक्रियता देखते ही बनती है। विकेट के पीछे उनकी चुस्ती और स्टंपिंग करने की रफ्तार आज भी बरकरार है। ऐसा लगता है मानो उम्र का उन पर कोई असर ही नहीं हुआ है।
निष्कर्ष
अंबाती रायडू का धोनी को लेकर दिया गया बयान उनके प्रति सम्मान और प्रशंसा को दर्शाता है। धोनी ने अपने करियर में जो मुकाम हासिल किया है, वह किसी और के लिए हासिल करना आसान नहीं है। धोनी ने न सिर्फ भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि लाखों लोगों के दिलों पर भी राज किया है।
धोनी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके फैंस उनके लिए मंदिर तक बनाने को तैयार हैं। यह बात साबित करती है कि धोनी सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें लोग पूजते हैं और उनका अनुसरण करते हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई चेन्नई में धोनी का मंदिर बनता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है कि धोनी हमेशा अपने फैंस के दिलों में विराजमान रहेंगे।
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Thirupathi Reddy Ch
मई 14, 2024 AT 00:04
ऐसा क्यों मानते हैं कि कोई भी व्यक्ति मंदिर या मूर्ति बनाकर किसी खिलाड़ी को पवित्र करता है? धर्म और राजनीति के बीच की ये धुंधली रेखा अक्सर शक्ति के दुरुपयोग की ओर ले जाती है। कहे गये शब्दों के पीछे छिपी सामाजिक अपेक्षा को हम आँखों में आँसुओं के साथ देखते हैं। हमें याद रखना चाहिए कि खेल में जीत का जश्न व्यक्तिगत मेहनत से आता है, न कि अलौकिक पूजन से।
Sonia Arora
मई 17, 2024 AT 08:04
धोनी का सम्मान करना और उनका नाम लेकर उत्सव मनाना भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाता है। चेन्नई के लोग अपने हीरो से गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं, और यह भावनात्मक बंधन उनके सामाजिक ताने-बाने में एक धागा बन जाता है। जब फैंस मंदिर की बात करते हैं, तो वह सिर्फ प्रेम का इज़हार है, न कि अंधविश्वास। उनके खेल कौशल को याद रखकर हमें उनके योगदान को सही रूप में सम्मानित करना चाहिए।
abhinav gupta
मई 20, 2024 AT 16:04
धोनी तो हमेशा सबके दिल में सुपरहिरो रहे हैं आप देखिए उनके कैंचीस की तरह खींचे हुए शॉट्स और फिर भी लोग फैन क्लब बना रहे हैं वो तो ठीक है पर मंदिर बनाने का सोच अजीब है
vinay viswkarma
मई 24, 2024 AT 00:04
धोनी ने असली दिग्गजिया दिखा दी।
Jay Fuentes
मई 27, 2024 AT 08:04
वाकई में, उनके मैदान पर दिखाए गए हर जलवे हमें प्रेऱित करते हैं, और यही कारण है कि फैंस ऐसा अटूट समर्थन दिखाते हैं।
Veda t
मई 30, 2024 AT 16:04
देश की बड़ाई तो हम सब करते हैं, लेकिन इस तरह के भौतिक पूजा की सोच ही हमारे राष्ट्रीय स्वर को धूमिल कर देती है। हमें खेल के महत्व को समझना चाहिए, न कि मंदिर बनाने की बेतुकी बातों में फँसना।
akash shaikh
जून 3, 2024 AT 00:04
सच्ची बात बताऊं तो धोनी का जलवा देखके तो हर कोई 'बॉस' बनना चाहता है, पर फैंस की उत्सुकता भी काफ़ी हद तक मज़ाकिया लगती है।
Anil Puri
जून 6, 2024 AT 08:04
धोनी की कप्तानी में भारत ने दो विश्व कप जीते, पर क्या वो सिर्फ उनके व्यक्तिगत कौशल कारण है? टीम की रणनीति, अन्य खिलाड़ियों का योगदान और कच्ची मेहनत भी इनके पीछे है। इसलिए केवल एक व्यक्ति को ही भगवान कहना उचित नहीं लगती। फिर भी, उनका करिश्मा इतना बड़ा है कि लोग इसे अलौकिक मानने लगते हैं। यह सामाजिक मनोविज्ञान का एक रोचक पहलू है।
poornima khot
जून 9, 2024 AT 16:04
संभव है कि हम अक्सर व्यक्तियों को अतिशयोक्तिपूर्ण रूप में देख लेते हैं, जबकि वास्तविकता सामूहिक प्रयास की होती है। यह समझना आवश्यक है कि वैकल्पिक दृष्टिकोण हमें अधिक संतुलित साक्ष्य प्रदान करता है। इसलिए, आदर दिखाना चाहिए पर अंधभक्ति नहीं।
Mukesh Yadav
जून 13, 2024 AT 00:04
यदि मंदिर बनता भी है तो क्या यह दर्शक नहीं कि हम खेल को धर्म बना रहे हैं? इस तरह की पहल को देखें तो सच्ची मकसद शायद फैन क्लब के आर्थिक लाभ और विज्ञापन की धंधे के लिए हो सकता है। हमारे समाज में यह चीज़ ठीक नहीं है।
Yogitha Priya
जून 16, 2024 AT 08:04
ऐसी बातें सुनकर लगता है कि हम सच्चे राष्ट्रीय भावना को बैलेंस नहीं कर पा रहे। हमें खेल को सम्मान देना चाहिए पर मंदिर जैसी राजनैतिक चीज़ों से दूर रहना चाहिए।
Rajesh kumar
जून 19, 2024 AT 16:04
धोनी का प्रभाव सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक संरचना में गहराई से प्रवेश कर चुका है। जब हम उनके प्रति इतनी adoration देखते हैं, तो यह दर्शाता है कि सार्वजनिक व्यक्तित्व कितनी शक्ति रखता है। युवा पीढ़ी उनके खेल शैली को मॉडल बनाती है, और यह एक सकारात्मक पहलू है। परन्तु, जब यह सम्मान धार्मिक रूप ले लेता है, तो हमें प्रश्न उठाने चाहिए कि यह किस दिशा में जा रहा है। मंदिर बनाना एक धार्मिक कर्म है और इसे खेल से जोड़ना एक नई सामाजिक परिप्रेक्ष्य खोलता है। इस प्रकार की पहल अक्सर राजनीतिक धुंध को साफ़ नहीं करती बल्कि और अधिक जटिल बनाती है। हमारे देश की विविधता को देखते हुए, हमें सभी को समान रूप से सम्मान देना चाहिए, न कि सिर्फ एक को देवता बनाकर। यह भी सत्य है कि धोनी ने कई सामाजिक कार्यों में योगदान दिया है, जिससे उनका नाम इंटेग्रिटी से जुड़ता है। फिर भी, एक व्यक्ति का अस्तित्व इतने बड़े सामाजिक आदर्श को नहीं धारण कर सकता। इस संदर्भ में, फैंस की उत्सुकता को समझना और उनको मार्गदर्शन देना आवश्यक है। मंदिर निर्माण का प्रस्ताव फैंस के भावनात्मक अभिव्यक्ति का परिणाम हो सकता है, पर इसे वास्तविक योजना में बदलते समय कई पहलुओं को देखना चाहिए। राजनीति, धर्म, और खेल का मिलाजुला मिश्रण अक्सर समस्याओं को जन्म देता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी निर्णय सामुदायिक एकता को कमजोर न करे। इस प्रकार, यदि वास्तव में कोई मंदिर बनता है, तो उसे सभी क्षेत्रों की सहभागिता के साथ होना चाहिए। अंत में, हमें यह याद रखना चाहिए कि खेल का असली उद्देश्य लोगों को जोड़ना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।
Bhaskar Shil
जून 23, 2024 AT 00:04
इंटरडिसिप्लिनरी एप्रोच से देखते हुए, धोनी के ब्रांड इक्विटी को एंक्लोज़िंग इन बायोमिक्स फॉर्मूलेशन में इंटीग्रेट किया जा सकता है, जिससे सस्टेनेबल फैन एंगेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म तैयार हो सके।
One You tea
जून 26, 2024 AT 08:04
क्या तुमने सोचा है कि इस तरह के एंहांस्ड मॉडल को लागू करने के बाद हमारे सामाजिक जज्बे कैसे मौलिक रूप से बदल जाएंगे? यह बस शब्दों का खेल नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की नई परिभाषा है!
Hemakul Pioneers
जून 29, 2024 AT 16:04
जीवन में अक्सर हम देखते हैं कि खेल में भी संतुलन और आत्मनिरीक्षण का महत्व होता है। धोनी हमें सिखाते हैं कि शांत दिमाग से कैसे बड़े फैसले लिए जाते हैं। उनका उदाहरण हमें अपनी व्यक्तिगत यात्रा में प्रेरणा देता है।
Shivam Pandit
जुलाई 3, 2024 AT 00:04
धोनी की उपलब्धियों को देख कर दिल गर्व से भर जाता है,; उनका समर्पण और परिश्रम सभी को प्रेरित करता है,; भविष्य में भी उनके जैसे लीजेंड्स हमारे साथ रहें,; यही हमारी आशा है!