रियासी में आतंकी हमला: 10 श्रद्धालुओं की मौत
3 जून, 2024 को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिला में एक भयावह आतंकी घटना हुई, जिसमें 10 निर्दोष श्रद्धालुओं की जान चली गई। यह हमला उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं का एक समूह माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए मार्ग पर था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे 'कायरतापूर्ण कृत्य' करार दिया। उन्होंने देशवासियों को आश्वासन दिया कि सरकार इस घटना के गुनहगारों को जल्द ही पकड़ने के लिए निर्णायक कार्रवाई करेगी। प्रधानमंत्री ने मरने वालों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
सुरक्षा व्यवस्थाओं में बढ़ोतरी
इस आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और कड़ा कर दिया गया है। आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए विशेष दस्तों को तैनात किया गया है। सरकार ने घटना की गहन जांच शुरू कर दी है और संभावित हमलावरों की पहचान के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी हैं। लेकिन अभी तक हमलावरों की पहचान और उनके संगठन के बारे में कोई पुख्ता जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।
देशव्यापी निंदा
इस हमले की हर कोने से निंदा हो रही है। राजनीतिक नेताओं से लेकर आम जनता तक, सभी ने इस घटना की कड़े शब्दों में आलोचना की है। सभी का मानना है कि इस तरह की घटनाएं हमारी एकता और अखंडता को कमजोर नहीं कर सकतीं।
निष्कर्ष में
इस प्रकार की आतंकी घटनाएं इंसानियत पर बड़ा धक्का हैं, मगर हमें एकजुट होकर इनका सामना करना होगा। सरकार की ओर से ऐसे कृत्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन ने लोगों में सुरक्षा की भावना को कायम रखा है। यह जरूरी है कि इस तरह की त्रासदियों से निपटने के लिए हमेशा सतर्क रहें और एकजुटता के साथ मुकाबला करें।
Deepak Verma
जून 10, 2024 AT 18:42
ऐसे अजनबियों को रोकना चाहिए। सरकार को आगे भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
Rani Muker
जून 20, 2024 AT 09:22
हम सभी इस दुखद घटना से बहुत आहत हैं। मीठी यादें और साहसिक यात्राएँ आगे बढ़ें, यही हमारी जिम्मेदारी है।
Hansraj Surti
जून 30, 2024 AT 00:02
रियासी की शान को धिक्कार है यह हमला।
भूल न जाएँ हम इस दर्द को।
हर आत्मा एक दर्पण है जो सत्य को प्रतिबिंबित करती है।
वैराग्य की ओर झुकते कदम हमें शांति की ओर ले जाएँ।
आतंक का अँधेरा हम सबको एक साथ खड़ा करता है।
भय के बादल को हटाने का कार्य हम सभी का है।
इंसानी दया को कभी कम नहीं आंकना चाहिए।
समाज की रीढ़ को बचाने के लिये हमें एकजुट होना पड़ेगा।
जैसे रात के बाद सवेरा आता है, वैसे ही आशा नयी होगी।
राष्ट्र का हर कोना सुरक्षा का हक़दार है।
परिवर्तन की लहर तभी आएगी जब हम आवाज़ उठाएँ।
सच्चाई का प्रकाश अंधेरे को चीर देगा।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि शांति ही एकमात्र विकल्प है।
भविष्य का निर्माण हमारे हाथों में है।
आइए, सब मिलकर इस कष्ट को अंत तक ले जाएँ। 😊
Naman Patidar
जुलाई 9, 2024 AT 14:42
बिलकुल वही, अब और झूठी दलीलें नहीं चलेगी।
Vinay Bhushan
जुलाई 19, 2024 AT 05:22
सबको मिलकर इस दर्द को कम करना होगा, हम कभी हार नहीं मानेंगे और हर कदम पर दृढ़ रहेंगे।
Gursharn Bhatti
जुलाई 28, 2024 AT 20:02
क्या यह सिर्फ एक आतंकवादी समूह ही नहीं था, बल्कि कहीं गुप्त जाल है जो हमारे दुश्मन के पीछे छिपा हुआ है? यह देखना बाकी है कि कौन‑कौन इस खेल में हाथ बँटा है।
Arindam Roy
अगस्त 7, 2024 AT 10:42
और क्या? यही तो रोज़मर्रा की बात है।
Parth Kaushal
अगस्त 17, 2024 AT 01:22
रात के सन्नाटे में जब शंखों की आवाज़ गूँजती है तो दिल के कोने में उठती है अनकही दहशत, और फिर वही शरारतें फिर से दोबारा शुरू हो जाती हैं, जैसे कभी खत्म ना होने वाली कहानी, जहाँ हर मोड़ पर एक नया अँधेरा छाया होता है, और फिर भी हम उम्मीद की रोशनी की ओर भागते रहते हैं, जैसे बंधी हुई कश्ती को मुक्त करने का प्रयत्न, परन्तु बीच-बीच में टकराते ज्वालामुखीय विस्फोट हमें याद दिलाते हैं कि असली लड़ाई अभी शुरू हुई है, इस संघर्ष में हर एक दिल का धड़कन एक जर्जर कसंवाला बन जाता है, और फिर भी हम थक नहीं पाते क्योंकि हमारी आत्मा में जली हुई आग है।
Namrata Verma
अगस्त 26, 2024 AT 16:02
ओह, वाह! फिर से वही पुराने गुरिल्ला‑जैसे बयान!!!, क्या बात है, शब्द‑जाल में फँसना आसान!!, लेकिन असली मुद्दा कहाँ?!!, चलो, देखते हैं आगे क्या‑क्या मुँह‑फटे कहानी बनती है!!!
Manish Mistry
सितंबर 5, 2024 AT 06:42
साक्ष्य‑परक तथ्यों के अभाव में केवल अटकलें ही प्रकट हो रही हैं; इस संदर्भ में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है।
Rashid Ali
सितंबर 14, 2024 AT 21:22
हम सबको इस दर्द में साथ देना चाहिए, एकजुटता से ही हम आगे बढ़ सकते हैं और इस दुख को मात दे सकते हैं।
Tanvi Shrivastav
सितंबर 24, 2024 AT 12:02
कोई बात न, बस एक बार फिर से इसको देखो 🙃, ऐसा लग रहा है जैसे हर साल वही स्क्रिप्ट दोहरायी जा रही है 😂।
Ayush Sanu
अक्तूबर 4, 2024 AT 02:42
सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए; इस तरह की घटनाएँ सहन नहीं की जा सकतीं।
Prince Naeem
अक्तूबर 13, 2024 AT 17:22
मनुष्य की आत्मा में वह शक्ति होती है जो अंधेरे को प्रकाश में बदल देती है; हमें वही शक्ति याद रखनी चाहिए।
sanjay sharma
अक्तूबर 23, 2024 AT 08:02
इसे रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर तेज़ पुलिसी कार्रवाई आवश्यक है।
varun spike
नवंबर 1, 2024 AT 21:42
जांच में पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान स्पष्ट होने पर न्यायिक प्रक्रिया तेज़ी से चलनी चाहिए।
Chandan Pal
नवंबर 11, 2024 AT 12:22
ऐसे समय में हमें एक-दूसरे को सपोर्ट करना चाहिए 🙌, इस दर्द को मिलके कम करेंगे।
SIDDHARTH CHELLADURAI
नवंबर 21, 2024 AT 03:02
सच्ची एकजुटता तभी दिखती है जब हम सब मिलकर इस दर्द को बांटते हैं 😊।
Arya Prayoga
नवंबर 30, 2024 AT 17:42
हर बार वही बोली‑बग़ैर‑हिसाब, अब तो बस थक गया हूँ।