टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी चल रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फॉर्मेट में क्रांतिकारी बदलावों पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है। इस प्रस्तावित ढांचे में सबसे बड़ी बात यह है कि वर्तमान में भाग ले रही 9 टीमों की संख्या बढ़ाकर 12 की जाएगी।
यही नहीं, एक ऐसा नियम भी तैयार किया जा रहा है जिसके तहत केवल एक मैच की सीरीज को भी WTC अंक तालिका में शामिल किया जा सकता है। यह बदलाव छोटी टीमों जैसे जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और आयरलैंड के लिए खेल के मैदान पर वापसी का रास्ता खोल सकता है। हाल ही में जारी रिपोर्ट्स बताती हैं कि जय शाह, ICC अध्यक्ष की अध्यक्षता में चल रही बैठकों में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जा रही है।
खेल का गणित कैसे बदलेगा?
अब तक की समझ यह थी कि टेस्ट क्रिकेट केवल 'बड़े' बोर्डों का खेल है। लेकिन ICC का मानना है कि खेल को अधिक प्रतिस्पर्धी और वैश्विक बनाने के लिए इसे अधिक समावेशी होना होगा। मौजूदा नियमों के तहत, हर WTC साइकिल में कम से कम दो मैचों की सीरीज ही मान्य होती है। अगर एक ही मैच की सीरीज को अंक मिलने लगते हैं, तो शेड्यूलिंग में लचीलापन आएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उन देशों को नियमित टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा जो पहले या तो अनुबंधित नहीं थे या फिर वित्तीय बाधाओं के कारण सीमित मैच ही खेल पाते थे। अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे को इस नए फॉर्मेट से सीधा लाभ पहुंचेगा। अब वे अन्य 9 पूर्ण सदस्यों के साथ समान दर्जे पर खेल सकेंगे।
रोजर टूस समिति की सिफारिशें
इन बदलावों की नींव रखने वाले मुख्य लोग रोजर टूस की अध्यक्षता वाली वर्किंग ग्रुप हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रोजर टूस ने पिछले साल बनाई गई इस समिति ने WTC के भविष्य के लिए कई सुझाव तैयार किए हैं। उनकी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 2027-29 के अगले चक्र के लिए 12 टीमों का मॉडल सबसे उपयुक्त रहेगा।
टूस समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि सभी 12 टीमों को एक निश्चित संख्या में मैच खेलने चाहिए ताकि स्कोरबोर्ड संतुलित रहे। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी टीम दूसरे की तुलना में अधिक या कम अवसरों से हासिल करे। हालांकि, मेजबानी करने वाले देश को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा, जो कि बड़े बोर्डों के लिए एक चुनौती हो सकती है।
मई की महत्वपूर्ण बैठकें
समयसीमा तय हो चुकी है। ICC चीफ एग्जिक्यूटिव्स कमेटी (CEC) की आभासी बैठक 21 मई 2026 को हुई थी। इसके बाद, IPL के फाइनल वीकेंड के दौरान 30 और 31 मई को अहमदाबाद, भारत में ICC बोर्ड की आमने-सामने बैठक होगी।
ESPNcricinfo की रिपोर्ट के अनुसार, इन बैठकों में नई संरचना को अंतिम रूप देने की उम्मीद नहीं है, लेकिन दिशा तय होगी। सच्चाई यह है कि मई की बैठकें केवल चर्चा को आगे बढ़ाएंगी। असली निर्णय जुलाई में होने वाली वार्षिक आम सभा (AGM) में लिया जा सकता है।
भविष्य क्या लेकर आई?
अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो 2027 से शुरू होने वाले अगले WTC चक्र में हम टेस्ट क्रिकेट को पूरी तरह से नए रूप में देखेंगे। छोटी टीमों के लिए यह एक सोने का अवसर है। उन्हें अब केवल टूर्नामेंट्स में भाग लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे नियमित आधार पर टेस्ट क्रिकेट खेल सकेंगी।
बड़े देशों के लिए भी इसका मतलब है नए बाजार और अधिक राजस्व। हालांकि, कुछ चिंताएं भी हैं कि क्या 12 टीमों के साथ लीग संरचना संतुलित रहेगी? क्या एक मैच की सीरीज टेस्ट क्रिकेट की روح को नुकसान पहुंचाएगी? ये सवाल जुलाई में एडिनबर्ग में आयोजित AGM में सामने आएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
WTC में टीमों की संख्या क्यों बढ़ाई जा रही है?
ICC का उद्देश्य टेस्ट क्रिकेट को अधिक वैश्विक और समावेशी बनाना है। 9 टीमों की जगह 12 टीमों को शामिल करने से जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और आयरलैंड जैसे देशों को नियमित टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा, जिससे खेल की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
क्या एक मैच की सीरीज अब WTC अंक देगी?
हाँ, प्रस्तावित बदलावों में एक टेस्ट मैच की सीरीज को भी WTC अंक तालिका में शामिल करने की संभावना है। वर्तमान में कम से कम दो मैचों की आवश्यकता होती है, लेकिन नए नियमों से शेड्यूलिंग में लचीलापन आएगा।
इस फैसले की घोषणा कब होगी?
मई 2026 में अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में इसपर चर्चा होगी, लेकिन अंतिम निर्णय जुलाई 2026 में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होने वाली वार्षिक आम सभा (AGM) में लिया जा सकता है।
रोजर टूस की भूमिका क्या है?
न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रोजर टूस ICC द्वारा गठित वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष हैं। उनकी समिति ने WTC के नए फॉर्मेट के लिए सिफारिशें तैयार की हैं, जिसमें 12 टीमों को शामिल करना और एक मैच की सीरीज को मान्यता देना शामिल है।
क्या मेजबान देश को अतिरिक्त धन मिलेगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, नए मॉडल के तहत टेस्ट मैच की मेजबानी करने वाले देश को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सभी टीमों के बीच समान अवसर सुनिश्चित करना है, भले ही उनके पास बड़े बजट न हों।